च
歌词
भीगी हुई वो सुबह घनी हवेली की दीवारें पुरानी खिड़की पे जमी धूल सुहानी पर्दों में छुपी कोई कहानी बंद किवाड़ों के पीछे क्या है? एक याद का साया ठहरा हुआ है। चमेली की महक जो आई है सांसों में मिश्री सी घोली है पुरानी वो बातें फिर बोली है। वो पल जो गुज़रे थे मलमल से बिखरे थे छू लूं मैं फिर से उन्हें ख्वाबों में देखे थे सुकून सा ये अहसास है तू आज भी मेरे पास है। सुकून सा ये अहसास है तू आज भी मेरे पास है। मलमल से बिखरे थे ख्वाबों में देखे थे हाँ तू मेरे पास है यही तो अहसास है। झूमर की वो मद्धम सी चमक पायलों की वो भूली सी खनक कागज़ पे बिखरी स्याही की महक जैसे कोई पंछी जाए चहक तस्वीर पे हाथ फेरा है मैंने अतीत को अपना घेरा है मैंने। समय की ये धारा रुकी सी लगे हर एक याद ताज़ा सजी सी लगे गम नहीं बस एक मीठी चुभन महक उठा है फिर मेरा ये मन इस सन्नाटे में संगीत है जैसे कोई पुराना गीत है। हार्पसीकोर्ड की वो मीठी तान बांसुरी में बसा मेरा जहान दीवारों पे साये नाचते हैं हम फिर से खुद को जांचते हैं रेशमी धागों की वो बुनावट बिना किसी शोर की सजावट। वो पल जो गुज़रे थे मलमल से बिखरे थे छू लूं मैं फिर से उन्हें ख्वाबों में देखे थे सुकून सा ये अहसास है तू आज भी मेरे पास है। सुकून सा ये अहसास है तू आज भी मेरे पास है। मलमल से बिखरे थे ख्वाबों में देखे थे हाँ तू मेरे पास है यही तो अहसास है।
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