baroque pop

अधूरा राग (The Unfinished Raga)

दीया (Diya)

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Letra

धूल की परतों में छुप गए वो आईने
दराजों में सो गए पुराने अफ़साने
पीली चिट्ठियों की वो हल्की सरसराहट
दे रही है आज फिर दिल पे एक आहट
बचपन की गलियों का वो मखमली एहसास
जैसे कोई रूह आज भी हो मेरे पास

वक्त की स्याही थोड़ी धुंधली सी हुई
पर वो खुशबू आज भी अनसुनी नहीं
बचपन का वो हसीन सा किनारा
तेरी हँसी का वो मीठा सहारा

अधूरा वो राग जो हमने गुनगुनाया था
हारमोनियम की सुरों में जो सजाया था
बरसों बाद भी वो धुन आज ज़िंदा है
रूह के किसी कोने में वो शर्मिंदा है
टूटे नहीं ये रेशमी धागे कभी
साँसों में महकते हैं ये आज भी

अधूरा राग
पूरा हुआ आज
सुरों का साज़
वही पुराना अंदाज़

सफ़ेद चाबियों पे थिरकती थी उँगलियाँ
बातों ही बातों में बीतती थीं घड़ियाँ
रिकॉर्डर की वो एक मीठी सी पुकार
जैसे कोई रूहानी सा वो इकरार
धुंधले से शीशे पे तेरा नाम लिखा था
वो पल जैसे सदियों से मुकम्मल दिखा था

वक्त की स्याही थोड़ी धुंधली सी हुई
पर वो खुशबू आज भी अनसुनी नहीं
बचपन का वो हसीन सा किनारा
तेरी हँसी का वो मीठा सहारा

अधूरा वो राग जो हमने गुनगुनाया था
हारमोनियम की सुरों में जो सजाया था
बरसों बाद भी वो धुन आज ज़िंदा है
रूह के किसी कोने में वो शर्मिंदा है
टूटे नहीं ये रेशमी धागे कभी
साँसों में महकते हैं ये आज भी

फासलों ने बस ज़मीन के नक्शे बदले
पर हमारे गीत के सुर कभी न फिसले
हार्पसीकोर्ड की इस मखमली लहर में
तू आज भी शामिल है मेरे हर पहर में
ये दूरियाँ तो बस इक पर्दा हैं
हम आज भी एक दूजे में ज़िंदा हैं

हल्की थाप
मीठा विलाप
यादों का जाप
बिना किसी माप

अधूरा वो राग जो हमने गुनगुनाया था
हारमोनियम की सुरों में जो सजाया था
बरसों बाद भी वो धुन आज ज़िंदा है
रूह के किसी कोने में वो शर्मिंदा है
टूटे नहीं ये रेशमी धागे कभी
साँसों में महकते हैं ये आज भी

वही राग, वही सुर, वही बात
खामोश होकर भी साथ है ये रात
अधूरा राग अब पूरा हो रहा है
बीता कल फिर से नया हो रहा है

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