सहज बूँद
आरव (Aarav)53 воспр.
छोटी सी गाड़ी सजाई है यार पहिए घूमे जैसे दिल का तार शहर के शोर से निकले हम दूर नदी के किनारे सुकून का नूर धूप की किरणें जैसे सोना झरे भीगी ये घास मन को भरे रास्ते में मिले अनजान से चेहरे मुस्कुराहटों के धागे हैं गहरे खिड़की से आती ठंडी हवा दोस्ती ही है सबसे बड़ी दवा आम की छाँव में महफ़िल सजी रेडियो पे हल्की धुन है बजी कच्ची कैरी का खट्टा सा स्वाद पार्टियों से बेहतर ये लम्हे याद हंसी की गूँज में असली त्यौहार सादा सा जश्न सादा सा प्यार (Whistle) धीरे-धीरे थिरकन दिल के पास ये शाम है अपनी सबसे खास जेम्बे की थाप धीमी और नरम रोड्स की आवाज़ जैसे धूप गरम ट्रम्पेट की लहरें रेंगती हुई खामोश बातों में भीगती हुई जेबें हैं खाली पर दिल है भरा खुशियों का बाग देखो हरा-भरा झूमो ज़रा तुम रुको ज़रा वक्त को यहीं तुम पकड़ो ज़रा आम की छाँव में महफ़िल सजी रेडियो पे हल्की धुन है बजी कच्ची कैरी का खट्टा सा स्वाद पार्टियों से बेहतर ये लम्हे याद हंसी की गूँज में असली त्यौहार सादा सा जश्न सादा सा प्यार महंगे होटलों में वो बात कहाँ खुले आसमान सा जज़्बात कहाँ काँच के महलों में दम घुटता है यहाँ मिट्टी की खुशबू दिल जीतता है सूरज ढला पर रंग है बाकी यादों की बोतल जाम है साकी छोटी सी गाड़ी अब घर को चली पर दिल रह गया उसी आम की गली सब साथ हैं तो डर क्या हमें कल फिर मिलेंगे इसी राह पे आम की छाँव में महफ़िल सजी रेडियो पे हल्की धुन है बजी कच्ची कैरी का खट्टा सा स्वाद पार्टियों से बेहतर ये लम्हे याद हंसी की गूँज में असली त्यौहार सादा सा जश्न सादा सा प्यार
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