blues jazz ballad

कुल्हड़ की राख

आरव (Aarav)

20 回再生 · 0 お気に入り · 5:03

歌詞

टीन की छत पे गिरती बूंदें
सुलगती रात की गहरी यादें
भीगी हवा की ये सरगोशियाँ
पी ली मैंने सारी मदहोशियाँ

जेब में फटी एक तस्वीर
खिंचती वक्त की ये लकीर
धुंधला सा वो एक चेहरा है
दर्द ये थोड़ा गहरा है

धुएँ में लिपटी ये खामोशी
ढूँढती फिरती है मदहोशी
दोस्त जो कहते थे साथ रहेंगे
अब वो अजनबी बनके बहेंगे

कुल्हड़ में चाय ठंडी है
किस्मत ये थोड़ी मंदी है
कोई गिला नहीं बस दूरी है
ज़िंदगी आज भी अधूरी है

अधूरी है
हाँ ये अधूरी है

गली में पीली लाइट जलती
साये के पीछे शाम ढलती
वादे तो सबने किए थे प्यारे
टूट गए वो बनके सितारे
वक्त की धूल ने सब मिटाया
अपना भी कोई नज़र न आया

हारमोनिका की वो धीमी तान
जैसे मांग रही हो कोई दान
रिश्ते तो बस एक मौसम थे
हम ही शायद थोड़े कम थे
धोखा नहीं बस ये मोड़ था
हाथों से छूटा वो छोर था

कुल्हड़ में चाय ठंडी है
किस्मत ये थोड़ी मंदी है
कोई गिला नहीं बस दूरी है
ज़िंदगी आज भी अधूरी है

सिगरेट भी अब बुझ चुकी है
आग ये अंदर सुलग उठी है
तस्वीर के चेहरे धुंधले हैं
ज़हन के परदे गंदे हैं
मुस्कुरा के इसे रख देता हूँ
खामोशी को अब चख लेता हूँ

コメント (0)

0/500

読み込み中…

おすすめ