गीली रेत का सुकून
आरव (Aarav)86 बजाव
लाइटें जली हैं रातें खली हैं मस्ती चढ़ी है बात बढ़ी है कॉलेज का ये मेला मैं हूँ खिलाड़ी अकेला हुस्न का घेरा इश्क है मेरा ढोल की थाप पे दिल धड़के शोले जैसे ये तन भड़के अरे देख ज़रा तू इधर आ नाच ले तू भी कमर हिला आज मचाएंगे फ्लोर पे शोर नाचेगा सारा ये चारों ओर तेरा मेरा है ज़बरदस्त टोर खींच ले अपनी तरफ ये डोर आजा बेबी वन्स मोर हिला दे, हिला दे धुआँ उड़ा दे आग लगा दे सबको बता दे दे दना दन मगन मगन तेरी गुलाबी ये कुर्ती दिखा दे थोड़ी सी फुर्ती गुलाल हवा में उड़ा है इश्क का पेंच जुड़ा है तू है तीखी मिर्ची मैं हूँ लंबी पर्ची देख के जलते दुनिया के खर्चे सीटी बजी है ज़ोर से हंगामा है हर ओर से बास का झटका ज़ोरदार नाचेंगे हम बार-बार आज मचाएंगे फ्लोर पे शोर नाचेगा सारा ये चारों ओर तेरा मेरा है ज़बरदस्त टोर खींच ले अपनी तरफ ये डोर आजा बेबी वन्स मोर कोई ना रोकेगा कोई ना टोकेगा तालियों की गूँज है सबकी यहाँ मौज है पैर थिरकने दे आग भड़कने दे चमके ये सितारे झूमें ये नज़ारे आज मचाएंगे फ्लोर पे शोर नाचेगा सारा ये चारों ओर तेरा मेरा है ज़बरदस्त टोर खींच ले अपनी तरफ ये डोर आजा बेबी वन्स मोर हिला दे, हिला दे धुआँ उड़ा दे आग लगा दे सबको बता दे
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