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ममता की छाया

दीया (Diya)

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Letra

बचपन की वो कोमल यादें
मां की गोदी सा सुख
हर ली तूने मेरी बाधा
मिटा दिया सारा दुख
छोटी सी मेरी वो भूलें
तेरी क्षमा के वो झूले
पकड़े हुए मेरी उंगली
तूने दिखाया रस्ता

अंधियारे से जब डरती थी
तुझको ही याद करती थी
तूने ही संभाला मुझे
दीपक सा उजाला मुझे

मेरे प्रभु मेरे राम
तेरा ही पावन नाम
ममता की शीतल छाया
तूने ही मुझे बचाया
सांसों का तू ही आधार
भवसागर से कर दे पार
चरणों में तेरे सुकून
मिट जाए सारा भ्रम

तेरा नाम
सत्य धाम
सुबह शाम
आठों याम

बीत गया वो बचपन सारा
आया बुढ़ापे का घेरा
अकेलापन जब डराए
मन मेरा घबराए
वही पुराना कोमल स्पर्श
भर देता है मुझमें हर्ष
तेरी याद जब आती है
शांति हृदय छा जाती है

संसार की ये माया
झूठी है ये काया
अंत में बस तू ही
सत्य की है छाया
कोई न दे साथ
पकड़े रहना हाथ

सांसों की ये माला
नाम तेरा ही जपती
भीतर की ये ज्वाला
तुझमें ही है खपती
छोटी छोटी चिंताएं
अब तो दूर हो जाएं
दिव्य नाम की वो ज्योति
जैसे मन का मोती

मेरे प्रभु मेरे राम
तेरा ही पावन नाम
ममता की शीतल छाया
तूने ही मुझे बचाया
सांसों का तू ही आधार
भवसागर से कर दे पार
चरणों में तेरे सुकून
मिट जाए सारा भ्रम

तेरा नाम
सत्य धाम
सुबह शाम
आठों याम

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