arabic oriental

रेत की सरगोशियाँ

आरव (Aarav)

50 reproducciones · 0 favoritos · 4:20

Letra

पुरानी सराय, ठंडी हवा
रेत पर बिखरी, चांद की जिया
खामोश पत्थर, सदियों की प्यास
तू नहीं है, फिर भी है पास
धड़कन में गूंजे, तेरा ही नाम
ढलती नहीं है, विरह की शाम

धुएं में लिपटी, तेरी खुशबू
तलाशती है, मुझको ही तू
घंटियों की वो, मद्धम सदा
जैसे कोई, दे रहा हो दुआ

रेत की सरगोशियाँ (ओह, ओह)
तेरी खामोशियाँ
रूह में घुल गई
जादू जगा
तू मिल गई
ख्वाबों के दरमियां
क्या यही है निशां?

रेत की सरगोशियाँ (ओह, ओह)
तेरी खामोशियाँ
रूह में घुल गई
जादू जगा
तू मिल गई
ख्वाबों के दरमियां
क्या यही है निशां?

नक्श वो धुंधले, यादों के घर
मुसाफिर अकेला, लम्बा सफ़र
सिलवटें दिल की, कहती हैं हाल
हिज्र की रात, गहरा मलाल
हवा की छुअन में, तेरा ही हाथ
जैसे हो कोई, अनकही बात

सितारों की महफ़िल, जमी है यहाँ
बता दे तू मुझको, छिपी है कहाँ
ज़िल की खनक में, तेरी हंसी
सांसों में मेरी, आकर फंसी

रेत की सरगोशियाँ (ओह, ओह)
तेरी खामोशियाँ
रूह में घुल गई
जादू जगा
तू मिल गई
ख्वाबों के दरमियां
क्या यही है निशां?

आ... (ऊद की तान)
तड़प ये मीठी, चुभन है पुरानी
अधूरी हमारी, वो एक कहानी
तारों की छांव में, जलते हैं हम
मिटते नहीं हैं, तेरे ये गम
वक्त थम गया है, इस मोड़ पर
जाना नहीं तू, मुझे छोड़ कर

सुबह की लाली, जब आएगी
परछाईं तेरी, खो जाएगी
मगर इस सराय में, महक है तेरी
तू ही सहर है, तू ही अंधेरी
मिट्टी के बर्तन, यादों का तेल
किस्मत का देखो, कैसा है खेल

रेत की सरगोशियाँ (ओह, ओह)
तेरी खामोशियाँ
रूह में घुल गई
जादू जगा
तू मिल गई
ख्वाबों के दरमियां
क्या यही है निशां?

रेत की सरगोशियाँ (ओह, ओह)
तेरी खामोशियाँ
रूह में घुल गई
जादू जगा
तू मिल गई
ख्वाबों के दरमियां
क्या यही है निशां?

Comentarios (0)

0/500

Cargando…

Pistas relacionadas