तमाशा-ए-दिल (The Heart's Spectacle)
आरव (Aarav)48 Wiedergaben
रात ढली है बत्ती जली है किस्मत भली है बात चली है थका हुआ ये शोमैन हवा में खली है तंबू के नीचे देखो दुनिया पली है जादूगर का वो खरगोश ले गया सबका होश पिंजरा खुला रह गया खो गया सारा जोश (हा हा!) झूमो रे भाई मस्ती है छाई गम की विदाई तालियां बजाई मेरा ये तमाशा सबको है भाया सर्कस का जादू सर पे है छाया (हारमोनियम की तान) (ऊई! ये क्या हुआ?) (ठहाका!) नाचने वाली का जूता भीड़ में जा के टूटा बैठा था जो लाला उसका सर फूटा वो तो था बेचारा किस्मत का खोटा फिर भी वो हंस के पकड़ा अपना लोटा हाथी ने मारी छींक सब हो गए ठीक म्यूजिक बजा ज़ोर से सीखी नई ये लीक झूमो रे भाई मस्ती है छाई गम की विदाई तालियां बजाई मेरा ये तमाशा सबको है भाया सर्कस का जादू सर पे है छाया पैसे मिले या ना मिले शिकवे ना कोई गिले शहर ये दीवाना है होंठ सबके खिले पियानो की ये धुन कानों में तू बुन मेरी ये बकवास थोड़ी और तू सुन (पैर पटकने की आवाज़) (म्यूटेड ट्रम्पेट का शोर) अरे भाई साहब! खरगोश अभी तक नहीं मिला! शायद वो भी टिकट खरीद रहा है! झूमो रे भाई मस्ती है छाई गम की विदाई तालियां बजाई मेरा ये तमाशा सबको है भाया सर्कस का जादू सर पे है छाया झूमो रे नाचो रे हंसो रे (हा हा हा!) सब भूल जाओ बस ताली बजाओ
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