मखमली रात (Velvety Night)
दीया (Diya)89 воспр.
गीली सड़क की वो महक नीयन की मद्धम सी चमक भीमपलासी के ये स्वर भीगे से मेरे ये पर पुराना वो जैज़ का राग दिल में सुलगती सी आग यादें पुरानी सब धुंधली हुई बातें अनकही सी अब अनसुनी हुई खुद से ही मिलने का मौसम है ये थोड़ा सा कड़वा पर रेशम है ये सुकून की है ये बारिश ना कोई अब गुज़ारिश आज़ाद है ये धड़कन जैसे कोई नया सावन ना शिकवा है ना कोई मलाल बस ये हसीं सा ख्याल धुआं धुआं सा ये समां खोया है मेरा ये जहां धुआं धुआं सा ये समां सुकून का है कारवां क्लब की बालकनी का कोना तेरा वो हंसना और रोना कॉफी की ठंडी सी प्याली बातें वो सारी की सारी अब मैं अकेली यहाँ खुश हूँ खुद की पनाहों में गुम हूँ सुकून की है ये बारिश ना कोई अब गुज़ारिश आज़ाद है ये धड़कन जैसे कोई नया सावन ना शिकवा है ना कोई मलाल बस ये हसीं सा ख्याल सैक्सोफोन की वो गूंजती पुकार तौबा ये दिल का अजीब इकरार बीता हुआ कल बस एक साया है आज ने मुझको गले से लगाया है सितार के तारों में बहती रवानी लिख रही हूँ मैं अपनी कहानी आज़ाद हूँ मैं आबाद हूँ मैं तेरी यादों से अब शाद हूँ मैं सुकून की है ये बारिश ना कोई अब गुज़ारिश आज़ाद है ये धड़कन जैसे कोई नया सावन ना शिकवा है ना कोई मलाल बस ये हसीं सा ख्याल धुआं धुआं सा ये समां खोया है मेरा ये जहां धुआं धुआं सा ये समां सुकून का है कारवां
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