मखमली रात (Velvety Night)
दीया (Diya)89 воспр.
कांच पे गिरती बूँदें शहर की धीमी हलचल टैक्सी के भीतर मैं ढूँढूँ अपना ही कल पीछे छूटती बत्तियाँ भीगी सी ये दूरियाँ अब न रही वो बेड़ियाँ न वो मजबूरियाँ वो हवा का झोंका जो कभी चुभता था अब बस एक साया है जो कहीं रुका था भीगा हुआ मरीन ड्राइव खामोश ये लम्हा अब मैं नहीं रही भीड़ में तन्हा अब तू दर्द नहीं बस एक नाम है इस भीगी रात में ठहरा विश्राम है कोई गिला नहीं कोई मलाल नहीं तू अब जवाब है कोई सवाल नहीं धुंधला सा वो कल बहता ये पल धुंधला सा वो कल बहता ये पल (Rhodes chords swell) (Drum brush and tabla syncopation) सोया हुआ समंदर लहरों का ये शोर शांति मेरे अंदर टूटी पुरानी डोर तेरा वो पुराना ज़िक्र अब नहीं करता फ़िक्र बदल गया है मेरा सोचने का नज़रिया वो हवा का झोंका जो कभी चुभता था अब बस एक साया है जो कहीं रुका था भीगा हुआ मरीन ड्राइव खामोश ये लम्हा अब मैं नहीं रही भीड़ में तन्हा अब तू दर्द नहीं बस एक नाम है इस भीगी रात में ठहरा विश्राम है कोई गिला नहीं कोई मलाल नहीं तू अब जवाब है कोई सवाल नहीं वक्त की इस सड़क पर मोड़ कितने आए धूप पीछे छूटी साथ बस ये साये न कोई चाहत है न कोई इंतज़ार खुद से ही कर लिया मैंने अब प्यार (Baritone Saxophone improvising in D minor) (Sparse Sitar flourishes) खोया हुआ वो कल जी लूँ मैं ये पल खोया हुआ वो कल जी लूँ मैं ये पल अब तू दर्द नहीं बस एक नाम है इस भीगी रात में ठहरा विश्राम है कोई गिला नहीं कोई मलाल नहीं तू अब जवाब है कोई सवाल नहीं धुंधला सा वो कल बहता ये पल धुंधला सा वो कल बहता ये पल
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