acoustic ballad

उन्नीस की वो लड़की

दीया (Diya)

2 воспр. · 0 в избранном · 4:36

Текст

धूल की चादर
पुरानी आलमारी
खुल गई आज
वो बंद पिटारी
डायरी का पन्ना
मुड़ा है थोड़ा
स्याही ने साथ
मेरा है छोड़ा

खिड़की पे गिरती
बारिश की बूंदें
बीता वो कल
आंखों को मूंदे
कांपते हाथों से
पन्ना पलटा है
वक्त जैसे
पीछे पलटा है

ओ मेरी उन्नीस की
नादान परछाई
तूने ही तो मुझको
ये राह दिखाई
निडर थी तू कितनी
कितनी खरी थी
तू ही तो मेरी
असली परी थी
शुक्रिया तेरा
शुक्रिया तेरा

शुक्रिया तेरा
शुक्रिया तेरा
मेरी परछाई
मेरी परछाई

सूखा गुलाब
पत्तियों में सोया
रंग है उसका
धूप में खोया
खुशबू नहीं है
पर यादें वही हैं
तेरी वो बातें
आज भी सही हैं

धुंधले निशान
तेरी लिखावट
बिना किसी भी
झूठी सजावट
सादा सा दिल था
सादा सा सपना
तू ही तो थी
सच में अपना

ओ मेरी उन्नीस की
नादान परछाई
तूने ही तो मुझको
ये राह दिखाई
निडर थी तू कितनी
कितनी खरी थी
तू ही तो मेरी
असली परी थी
शुक्रिया तेरा
शुक्रिया तेरा

नहीं है गिला
कोई भी तुझसे
तू जुदा नहीं
कभी भी मुझसे
तेरी वो हिम्मत
आज भी साथ है
तू ही तो मेरी
सौगात है

ओ मेरी उन्नीस की
नादान परछाई
तूने ही तो मुझको
ये राह दिखाई
निडर थी तू कितनी
कितनी खरी थी
तू ही तो मेरी
असली परी थी
शुक्रिया तेरा
शुक्रिया तेरा

तू ही रोशनी
तू ही मेरा कल
ठहरा हुआ
वो एक हसीं पल
शुक्रिया तेरा
शुक्रिया तेरा

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