big band brass

सपनों की पटरी

आरव (Aarav)

20 воспр. · 0 в избранном · 3:53

Текст

कोहरे में लिपटी ये रात
तारों से होती है बात
पुराना कोट ये भारी
सपनों की है ये सवारी
स्टेशन की ठंडी हवा
यादों की मीठी दवा

धड़कन ये तेज़ है
वक्त का ये खेल है
दूर से आती वो रेल है

आने वाली है वो गाड़ी
खुशियों की जो है पिटारी
बरसों बाद मिलेंगे यार
दिल में जगा है फिर प्यार
झूम उठा है मेरा मन
सालों का ये है मिलन

टिक-टिक घड़ी चले
रास्ते ये अब मिलें

चाय वाले की वो पुकार
बचपन का वो इंतज़ार
जेब में रखे पुराने खत
लिखी थी जिनमें हकीकत
धुंधली सी वो लिखावट
मिट गई सारी थकावट

धड़कन ये तेज़ है
वक्त का ये खेल है
दूर से आती वो रेल है

आने वाली है वो गाड़ी
खुशियों की जो है पिटारी
बरसों बाद मिलेंगे यार
दिल में जगा है फिर प्यार
झूम उठा है मेरा मन
सालों का ये है मिलन

सीटी की गूंज उठी
नींद अब है टूटी
धुआं उड़ाती वो आई
मंज़िल करीब है लाई
भागो अब तुम ज़रा
वक्त ना जाए डरा

आने वाली है वो गाड़ी
खुशियों की जो है पिटारी
बरसों बाद मिलेंगे यार
दिल में जगा है फिर प्यार
झूम उठा है मेरा मन
सालों का ये है मिलन

यारों का ये मेला
कोई ना अब अकेला

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