big band brass

जश्न-ए-किस्मत

आरव (Aarav)

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Текст

जेब में है चिट्ठी
किस्मत है मीठी
शनिवार की शाम
खुशियों का जाम
टैक्सी का उजाला
शहर है मतवाला
बिलबोर्ड की चमक
पैरों में धमक

आज कोई रोक नहीं
दिल में कोई शोक नहीं
सपनों की ये डगर
जाएगी अब शिखर

हॉर्न बजे ज़ोर से
नाचें हम शोर से
कोई हिसाब नहीं
अपना जवाब नहीं
चाँद भी मुस्कुराए
सबको पास बुलाए
महफ़िल ये सजी है
ताली भी बजी है

स्विंग वाली रात है
हाँ क्या बात है
देखो क्या बात है
स्विंग वाली रात है

क्लब के अंदर शोर
मचा है चारों ओर
सैक्सोफ़ोन की तान
बढ़ाती मेरी शान
ट्रम्पेट का ये जोश
उड़ जाए सबके होश
पियानो की ये धुन
बस तू इसको सुन

कल तक था अंधेरा
आज है सवेरा
सपनों की उड़ान
छू लिया आसमान

हॉर्न बजे ज़ोर से
नाचें हम शोर से
कोई हिसाब नहीं
अपना जवाब नहीं
चाँद भी मुस्कुराए
सबको पास बुलाए
महफ़िल ये सजी है
ताली भी बजी है

डबल बास की लय
जीत की है ये जय
दोस्त सब साथ हैं
हाथों में हाथ हैं
बिल नहीं देखेंगे
सिक्के हम फेंकेंगे
पूरी रात गाएंगे
धूम हम मचाएंगे

आज कोई रोक नहीं
दिल में कोई शोक नहीं
आज कोई रोक नहीं
दिल में कोई शोक नहीं

हॉर्न बजे ज़ोर से
नाचें हम शोर से
कोई हिसाब नहीं
अपना जवाब नहीं
चाँद भी मुस्कुराए
सबको पास बुलाए
महफ़िल ये सजी है
ताली भी बजी है

स्विंग वाली रात है
हाँ क्या बात है
देखो क्या बात है
स्विंग वाली रात है

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