bhangra

Pind Da Jashn

आरव (Aarav)

39 воспр. · 0 в избранном · 3:10

Текст

हाट लगा है भारी
बचपन की वो यारी
लस्सी की ये प्याली
मस्ती होने वाली
मूंछों को ताव दे
पूरे तू भाव दे
कोई ना अब रोकेगा
कोई ना अब टोकेगा

छोड़ो सारी दुनियादारी
आज अपनी बारी
पगड़ी अपनी शान है
दोस्ती ही जान है

ढोल की थाप पे शोर मचाएंगे
मिट्टी में हम सब मिल जाएंगे
दोस्ती का ये झंडा लहराएंगे
आज हम सबको नचाएंगे

बल्ले बल्ले बल्ले भाई
शावा शावा शावा भाई
बल्ले बल्ले बल्ले भाई
शावा शावा शावा भाई

मैदान में जोर दिखाएंगे
दुश्मनी को भूल जाएंगे
हाथ से हाथ मिलाएंगे
गले से सबको लगाएंगे
नौकरी को मारो गोली
खेलेंगे आज हम होली
पैसों की अब बात नहीं
गम की कोई रात नहीं

छोड़ो सारी दुनियादारी
आज अपनी बारी
पगड़ी अपनी शान है
दोस्ती ही जान है

ढोल की थाप पे शोर मचाएंगे
मिट्टी में हम सब मिल जाएंगे
दोस्ती का ये झंडा लहराएंगे
आज हम सबको नचाएंगे

गुलाब जामुन की मिठास है
हर यार मेरा खास है
ना कोई फिक्र ना प्यास है
बस नाचने की आस है

धूल उड़ेगी आज सरेआम
भूल के अपने सारे काम
यारों की टोली का है नाम
मस्ती करेंगे सुबह शाम
इकतारा भी अब बोलेगा
दिल का भेद ये खोलेगा
नगाड़ा भी अब गूंजेगा
दुख को ये अब भूंजेगा

ढोल की थाप पे शोर मचाएंगे
मिट्टी में हम सब मिल जाएंगे
दोस्ती का ये झंडा लहराएंगे
आज हम सबको नचाएंगे

बल्ले बल्ले बल्ले भाई
शावा शावा शावा भाई
बल्ले बल्ले बल्ले भाई
शावा शावा शावा भाई

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