acoustic ballad

चीनी ज़्यादा

आरव (Aarav)

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Letra

बंद दुकान का ये शटर
भीग रहा है मेरा शहर
हाथ में फटी एक पर्ची
ख्वाहिशें जो थीं बेअर्जी
स्याही अब ये फैल रही
बातें दिल की कह रही

हिसाब पुराना बाकी है
एक याद ही काफी है
भीगते इस अंधेरे में
तू अब भी मुझमें बाकी है

दूध में चीनी अब ज़्यादा है
जीने का यही तो आधा है
छतरी घर पर ही भूल गया
तेरा ही रंग मुझपे खुल गया
कोई गिला नहीं है तुमसे
तुम बस गए हो मुझमें
हाँ
तुम बस गए हो मुझमें

चीनी ज़्यादा है
आधा वादा है
बारिश भीनी है
चाय पीनी है

किराने की वो गली
जहाँ धूप कम थी खिली
थैला मैं पकड़े खड़ा
तूने जो सामान पढ़ा
दाल और वो नमक के पैकेट
भीगा हुआ मेरा जैकेट
वो छोटी सी हर एक बात
रह गई अब मेरे साथ

हिसाब पुराना बाकी है
एक याद ही काफी है
भीगते इस अंधेरे में
तू अब भी मुझमें बाकी है

दूध में चीनी अब ज़्यादा है
जीने का यही तो आधा है
छतरी घर पर ही भूल गया
तेरा ही रंग मुझपे खुल गया
कोई गिला नहीं है तुमसे
तुम बस गए हो मुझमें
हाँ
तुम बस गए हो मुझमें

सेलो की वो मंद सी छाया
कैसी ये तूने धूप खिलाया
अकेला हूँ पर तन्हा नहीं
कोई और अब तमन्ना नहीं
स्वीकार है ये अधूरापन
तू ही है मेरा सारा जीवन

सुनो
शायद तुम अब बदल गए हो
किसी नए रास्ते निकल गए हो
पर मैं आज भी वही करता हूँ
उन्हीं पुरानी बातों से भरता हूँ
बिना छतरी के भीगना अच्छा है
ये मेरा पागलपन ही सच्चा है
दूध का वो मीठा सा स्वाद
दिलाता है बस तेरी ही याद

दूध में चीनी अब ज़्यादा है
जीने का यही तो आधा है
छतरी घर पर ही भूल गया
तेरा ही रंग मुझपे खुल गया
कोई गिला नहीं है तुमसे
तुम बस गए हो मुझमें
हाँ
तुम बस गए हो मुझमें

चीनी ज़्यादा है
आधा वादा है
बारिश भीनी है
चाय पीनी है

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