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आधा खाली गिलास (Aadha Khali Gilaas)

दीया (Diya)

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Lyrics

खिड़की पे गिरती ये बूंदें
कांच पे लिखती हैं यादें
खामोश सी हैं सब बातें
अंधेरी सी हैं ये रातें
धुंधला सा है ये सवेरा
यादों का गहरा बसेरा

शायद ये रात आखिरी हो
दिल की ये मात आखिरी हो
कोई भी पास नहीं है
अब कोई आस नहीं है

आधा खाली ये गिलास
अधूरी सी है कोई प्यास
तुम नहीं आओगे अब
टूट गई है हर आस
बस धड़कन का एहसास
गहरा है ये वनवास

आधा खाली ये गिलास
अधूरी सी है कोई प्यास
तुम नहीं आओगे अब
टूट गई है हर आस

मेज पे रखा वो कंगन
महका सा है तेरा आंगन
पुरानी शराब की खुशबू
जैसे कोई भूला सा सावन
गिटार के तार रोते हैं
हम जागते हैं सब सोते हैं

साया तेरा साथ खड़ा है
दर्द ये ज़रा सा बड़ा है
कोई भी पास नहीं है
अब कोई आस नहीं है

आधा खाली ये गिलास
अधूरी सी है कोई प्यास
तुम नहीं आओगे अब
टूट गई है हर आस
बस धड़कन का एहसास
गहरा है ये वनवास

सितार की वो एक मींड़
जैसे कोई पुरानी टीस
वक्त का पहिया थमा है
सांसों में बर्फ जमी है
कोई शिकायत नहीं अब
बस एक कमी सी रही है
सब कुछ स्वीकार किया है
खुद को ही मार दिया है

साकी ने पूछा है मुझसे
"क्या वही पुराना गम है?"
मैंने हंस के टाल दिया
"आंखें ज़रा सी नम हैं"
कुर्सी वो खाली पड़ी है
तन्हाई ज़रा सी बड़ी है
दीवार पे टंगी घड़ी भी
वक़्त पे आके अड़ी है
निशान तुम्हारे बाकी हैं
ये जख्म बड़े ही साकी हैं

आधा खाली ये गिलास
अधूरी सी है कोई प्यास
तुम नहीं आओगे अब
टूट गई है हर आस
बस धड़कन का एहसास
गहरा है ये वनवास

आधा खाली ये गिलास
अधूरी सी है कोई प्यास
तुम नहीं आओगे अब
टूट गई है हर आस

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