big band brass

जश्न-ए-किस्मत

आरव (Aarav)

52 main · 0 kegemaran · 3:37

Lirik

जेब में है चिट्ठी
किस्मत है मीठी
शनिवार की शाम
खुशियों का जाम
टैक्सी का उजाला
शहर है मतवाला
बिलबोर्ड की चमक
पैरों में धमक

आज कोई रोक नहीं
दिल में कोई शोक नहीं
सपनों की ये डगर
जाएगी अब शिखर

हॉर्न बजे ज़ोर से
नाचें हम शोर से
कोई हिसाब नहीं
अपना जवाब नहीं
चाँद भी मुस्कुराए
सबको पास बुलाए
महफ़िल ये सजी है
ताली भी बजी है

स्विंग वाली रात है
हाँ क्या बात है
देखो क्या बात है
स्विंग वाली रात है

क्लब के अंदर शोर
मचा है चारों ओर
सैक्सोफ़ोन की तान
बढ़ाती मेरी शान
ट्रम्पेट का ये जोश
उड़ जाए सबके होश
पियानो की ये धुन
बस तू इसको सुन

कल तक था अंधेरा
आज है सवेरा
सपनों की उड़ान
छू लिया आसमान

हॉर्न बजे ज़ोर से
नाचें हम शोर से
कोई हिसाब नहीं
अपना जवाब नहीं
चाँद भी मुस्कुराए
सबको पास बुलाए
महफ़िल ये सजी है
ताली भी बजी है

डबल बास की लय
जीत की है ये जय
दोस्त सब साथ हैं
हाथों में हाथ हैं
बिल नहीं देखेंगे
सिक्के हम फेंकेंगे
पूरी रात गाएंगे
धूम हम मचाएंगे

आज कोई रोक नहीं
दिल में कोई शोक नहीं
आज कोई रोक नहीं
दिल में कोई शोक नहीं

हॉर्न बजे ज़ोर से
नाचें हम शोर से
कोई हिसाब नहीं
अपना जवाब नहीं
चाँद भी मुस्कुराए
सबको पास बुलाए
महफ़िल ये सजी है
ताली भी बजी है

स्विंग वाली रात है
हाँ क्या बात है
देखो क्या बात है
स्विंग वाली रात है

Komen (0)

0/500

Memuatkan…

Trek Berkaitan