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가사
धूप खिली है मेला लगा सखियों का है रेला लगा पैरों में है ताल सा बसंत का है हाल सा रंगों की है बौछार यहाँ खुशियों की है बहार यहाँ गुब्बारे नीले पीले गोलगप्पे तीखे रसीले हवा में है एक नशा बदली है दिल की दशा मेला मेला लग गया दिल मेरा भी जग गया धक्-धक् की ये ताल है अफ़्रो-देसी हाल है झुमका मेरा गिर गया रास्ता तेरा मिल गया (Hey! Oye! Mele ki dhun) (Dundun baje, man jhoome) (Hey! Oye! Mele ki dhun) (Dundun baje, man jhoome) भीड़ में एक चेहरा दिखा जैसे कोई गहरा लिखा नज़रें मिलीं और झुक गईं धड़कन वहीं पे रुक गईं चूड़ी खनके हाथों में बात छिपी है आँखों में झूले की वो ऊँचाई धड़कन ने दी दुहाई शोर में भी तू सुनाई दे हर तरफ तू दिखाई दे मेला मेला लग गया दिल मेरा भी जग गया धक्-धक् की ये ताल है अफ़्रो-देसी हाल है झुमका मेरा गिर गया रास्ता तेरा मिल गया तका-धिन-धिन, तका-धिन-धिन ढोलक बाजे, मन छिन-छिन मिट्टी की ये सोंधी खुशबू चलने लगा है तेरा जादू ना कोई फिक्र, ना कोई डर झूम रही है ये दोपहर (Dundun and Tabla Dialogue Solo) शाम ढली पर जोश वही खोया है अब होश कहीं मेले का ये शोर सुहाना बन गया है एक बहाना तेरी मेरी इस मुलाक़ात का हाथ थामे इस जज़्बात का मेला मेला लग गया दिल मेरा भी जग गया धक्-धक् की ये ताल है अफ़्रो-देसी हाल है झुमका मेरा गिर गया रास्ता तेरा मिल गया (Hey! Oye! Mele ki dhun) (Dundun baje, man jhoome) (Hey! Oye! Mele ki dhun) (Dundun baje, man jhoome)
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