क
가사
काली सड़क, पीली रौशनी भीगी हवा, कुछ अनकही हैमंड की गूँज, रूहानी सी ये रात मेरी अपनी हुई मरीन ड्राइव की वो लहरें वक़्त की रफ़्तार अब ठहरे भीगा शहर, भीगी यादें ख़त्म हुई सब फ़रियादें टैक्सी की हेडलाइट्स गुज़रती काँच पे बूँदें ठहरती सितार के तारों में उलझी ये यादें अब नहीं डरती सुकून का है ये नया रंग मैं हूँ बस अपने ही संग धुआँ बना के उड़ा दीं चिट्ठियां ख़ामोश शहर में मिलीं खुशियां कॉफ़ी की महक, ये आज़ादी खुद से ही कर ली मैंने शादी तबले की थाप पे दिल धड़के अकेलेपन के ये दिन महके आज़ाद हूँ मैं आबाद हूँ मैं इस शहर की फरियाद हूँ मैं बैरिटोन सैक्स की गहरी सदा फंक की बास में खोई अदा पुराने वो वादे, पुराने वो गम राख हुए सब, रह गए हम वुड्स की रॉड्स का धीमा शोर खींचे मुझे अपनी ही ओर (Vocal Scat: Da-ba-da-pa-da, Ooh-la-ya) यमन के सुरों में ढली ये शाम लेती नहीं अब किसी का नाम सितार और सैक्स का ये जो मेल ज़िन्दगी का है नया ये खेल वुर्लिट्ज़र की मीठी तान मुस्कुराता मेरा जहान धुआँ बना के उड़ा दीं चिट्ठियां ख़ामोश शहर में मिलीं खुशियां कॉफ़ी की महक, ये आज़ादी खुद से ही कर ली मैंने शादी तबले की थाप पे दिल धड़के अकेलेपन के ये दिन महके आज़ाद हूँ मैं आबाद हूँ मैं खुद की ही अब याद हूँ मैं
댓글 (0)
불러오는 중…