big band brass

बंबई स्विंग (Bombay Swing)

आरव (Aarav)

재생 5회 · 즐겨찾기 0개 · 4:31

가사

गीली सड़कें चमकीं जैसे आईना
आर्ट डेको खिड़की ने मुस्कुराना
पुरानी चाय की दुकान पर मेला
गरम समोसा बातों का झमेला
भीगी मिट्टी की वो सोंधी खुशबू
हर दिल में जगी है नई आरज़ू

धुआं उड़ाती बुलेट की रफ़्तार
जींस वाली पीढ़ी पूरी तैयार
हवा में घुली है थोड़ी मस्ती
सस्ती खुशियाँ महँगी ये हस्ती

ये अपना जलवा अपना अंदाज़
पीतल के सुरों में गूँजी आवाज़
झूमो ज़रा तुम गाओ ज़रा तुम
बीते कल को गले लगाओ तुम
बंबई की गलियों का ये संगीत
पुरानी यादें और नया ये गीत

तारा रा रा स्विंग
तारा रा रा स्विंग
सब साथ में गाओ
ज़रा हाथ उठाओ

चालीस का वो कोट पहने बाबा
साइकिल पर जैसे बचपन का धावा
घंटी बजी और बच्चे सब भागे
कल की कहानी आज के आगे
दाँत नहीं पर हँसी है करारी
आज की गली में कल की सवारी

चौक पर रौनक
दिल में ये धड़कन
पुराना ये सावन
नया ये पागलपन

(Tenor Saxophone and Trumpet Duel)

सैक्सोफोन बोले ट्रम्पेट चिल्लाए
तबले की थाप पर पियानो इठलाए
डबल बास की वो गहरी पुकार
ट्रॉम्बोन मचाए अब हाहाकार
कोई न पराया सब यार यहाँ
खुशियों का खुला ये बाज़ार यहाँ

(Piano tinkling with soft Tabla strokes)
सुनो ज़रा ये धड़कन
देखो ज़रा ये मौसम
पुराना कोट नई उमंग
बंबई का ये अनोखा रंग

ये अपना जलवा अपना अंदाज़
पीतल के सुरों में गूँजी आवाज़
झूमो ज़रा तुम गाओ ज़रा तुम
बीते कल को गले लगाओ तुम
बंबई की गलियों का ये संगीत
पुरानी यादें और नया ये गीत

तारा रा रा स्विंग
तारा रा रा स्विंग
सब साथ में गाओ
ज़रा हाथ उठाओ

(Full Brass Section Crescendo)

कटिंग चाय का वो आख़िरी घूँट
सच्ची है मस्ती न कोई झूठ
धूप खिली अब बादलों के पार
शहर सजा है जैसे कोई त्यौहार
बुजुर्ग की दुआ बच्चों का शोर
खींचे यादों की रेशमी डोर

चौक पर रौनक
दिल में ये धड़कन
पुराना ये सावन
नया ये पागलपन

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