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टिकट वाली रात

दीया (Diya)

83 बजाव · 0 पसंदीदा · 4:02

गीत

ड्यूटी खत्म हुई है मेरी
अब न होगी ज़रा भी देरी
टिकटें सारी जेब में रख ली
दुनिया अपनी अब है बदली
वर्दी उतारी और रेशम पहना
दिल को बस अब इतना कहना
पटरी का वो शोर गया अब
नया एक दौर शुरू हुआ अब

मुंबई की ये शाम सुहानी
लिखनी है फिर नई कहानी
ट्रम्पेट की वो गूँज पुकारे
आ जाओ सब पास हमारे

झूमो रे साहब झूमो रे
खुशियों को तुम चूमो रे
भूल जाओ सब कल की बातें
रंगीन हुई हैं ये रातें
टिकट कलेक्टर की ये बारी
नाच रही है दुनिया सारी
झूमो रे साहब झूमो रे
खुशियों को तुम चूमो रे

स्कैट-दा-बा-दू-बे-डू-बा
पा-रा-रा-री-रा
दा-बा-दू-बे-डू-बा
शू-बी-डू-बा

कोई न रोके
कोई न टोके
झूमो रे साहब
प्यार के झोंके

दिन भर सीटी मैंने बजाई
प्लेटफॉर्म पर दौड़ लगाई
साहब कहते “जल्दी जाना”
बीबी को है घर ले जाना
लोकल ट्रेन का वो झमेला
यहाँ लगा है सुर का मेला
पियानो की ये चाबियाँ देखो
गम को तुम खिड़की से फेंको

ब्रास बजाओ ज़ोर से
नाचो अपने शोर से
धड़कन बढ़ती जाती है
मस्ती हमको भाती है

मंच पे जब मैं आती हूँ
नग़मा एक सुनाती हूँ
अपराइट बास की धमक सुनो
रेशम सा कोई ख़्वाब बुनो
न कोई बंधन न कोई डर
झूम रहा है सारा नगर

(चुटकी बजाते हुए)
टिकट दिखाओ...
नहीं, आज नहीं!
आज तो बस...
जी हाँ!

झूमो रे साहब झूमो रे
खुशियों को तुम चूमो रे
भूल जाओ सब कल की बातें
रंगीन हुई हैं ये रातें
टिकट कलेक्टर की ये बारी
नाच रही है दुनिया सारी
झूमो रे साहब झूमो रे
खुशियों को तुम चूमो रे

कोई न रोके
कोई न टोके
झूमो रे साहब
प्यार के झोंके

स्कैट-दा-बा-दू-बे-डू-बा
पा-रा-रा-री-रा
दा-बा-दू-बे-डू-बा
शू-बी-डू-बा

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