भीगी यादें और चाय
दीया (Diya)93 écoutes
शीशे में खुद को देखा धड़कन ने रास्ता रोका कांपते हैं ये हाथ मेरे सपनों ने मुझको घेरे पर्दे के पीछे खड़ी आएगी मेरी घड़ी खुद पे यकीन बढ़ाना दुनिया को है दिखाना बाहर है शोर बड़ा जोश है सर पे चढ़ा अब ना मैं रुकूंगी अब ना मैं झुकूंगी मंच पे आग लगा दूंगी अपनी दुनिया सजा दूंगी झूमेगा ये सारा जहां सबको अपना बना दूंगी मंच पे आग लगा दूंगी अपनी दुनिया सजा दूंगी झूमेगा ये सारा जहां सबको अपना बना दूंगी ता थैया ता थैया झूमे ये नगरिया ता थैया ता थैया झूमे ये नगरिया कल तक थी मैं सहमी सी भीड़ में ही रहती थी आज रोशनी आई है नई सुबह ये लाई है सारे शक मिटा दिए रास्ते बना लिए जीत का ये नशा है मंच ही मेरी जगह है बाहर है शोर बड़ा जोश है सर पे चढ़ा अब ना मैं रुकूंगी अब ना मैं झुकूंगी मंच पे आग लगा दूंगी अपनी दुनिया सजा दूंगी झूमेगा ये सारा जहां सबको अपना बना दूंगी मंच पे आग लगा दूंगी अपनी दुनिया सजा दूंगी झूमेगा ये सारा जहां सबको अपना बना दूंगी उड़ना है मुझे आसमान में लिखना है नाम जहान में कोई रोक ना पाएगा मेरा दौर अब आएगा ऊंची मेरी उड़ान है यही मेरी पहचान है मंच पे आग लगा दूंगी अपनी दुनिया सजा दूंगी झूमेगा ये सारा जहां सबको अपना बना दूंगी मंच पे आग लगा दूंगी अपनी दुनिया सजा दूंगी झूमेगा ये सारा जहां सबको अपना बना दूंगी ता थैया ता थैया झूमे ये नगरिया ता थैया ता थैया झूमे ये नगरिया
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