रंगीन शाम का तमाशा
आरव (Aarav)46 écoutes
कोहरे में लिपटी ये रात तारों से होती है बात पुराना कोट ये भारी सपनों की है ये सवारी स्टेशन की ठंडी हवा यादों की मीठी दवा धड़कन ये तेज़ है वक्त का ये खेल है दूर से आती वो रेल है आने वाली है वो गाड़ी खुशियों की जो है पिटारी बरसों बाद मिलेंगे यार दिल में जगा है फिर प्यार झूम उठा है मेरा मन सालों का ये है मिलन टिक-टिक घड़ी चले रास्ते ये अब मिलें चाय वाले की वो पुकार बचपन का वो इंतज़ार जेब में रखे पुराने खत लिखी थी जिनमें हकीकत धुंधली सी वो लिखावट मिट गई सारी थकावट धड़कन ये तेज़ है वक्त का ये खेल है दूर से आती वो रेल है आने वाली है वो गाड़ी खुशियों की जो है पिटारी बरसों बाद मिलेंगे यार दिल में जगा है फिर प्यार झूम उठा है मेरा मन सालों का ये है मिलन सीटी की गूंज उठी नींद अब है टूटी धुआं उड़ाती वो आई मंज़िल करीब है लाई भागो अब तुम ज़रा वक्त ना जाए डरा आने वाली है वो गाड़ी खुशियों की जो है पिटारी बरसों बाद मिलेंगे यार दिल में जगा है फिर प्यार झूम उठा है मेरा मन सालों का ये है मिलन यारों का ये मेला कोई ना अब अकेला
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