कुल्हड़ की राख
आरव (Aarav)20 écoutes
भीगी सड़कें, चमकते सितारे नीयन की रोशनी, पुराने नज़ारे लाल कालीन पर है मेरा डेरा आज रात है बस मेरा सवेरा चमचमाते कोट में मैं आया हंसने हंसाने का जाल बिछाया भीड़ में देखा वो चेहरा पुराना जैसे लौट आया गुज़रा ज़माना छतरी के नीचे वो मुस्कान तेरी थम गई धड़कन ये मेरी और तेरी नाचो रे, गाओ रे, स्विंग की ताल पर पीतल के बाजों के सुरमई हाल पर बारिश की बूंदें भी ताल मिलातीं दिल की ये बातें सबको सुनातीं झूमो ज़रा तुम भी मेरी बाहों में खो जाएं हम इन हसीं राहों में स्विंग, स्विंग, ये बॉम्बे की रात कर दे मुकम्मल हर एक बात रंगीन शाम का ये तमाशा पूरी हुई दिल की हर अभिलाषा हॉर्न बजाती वो काली पीली कार सैक्सोफोन की गूंज है अपार बचपन की वो गलियां, वो शोर तू ही है मेरी पतंग की डोर ट्रम्पेट की म्यूट में छुपी है हंसी तू ही तो है मेरी दुनिया की खुशी पोल्का डॉट छतरी सर पे तानी शुरू हुई फिर से वही कहानी पियानो के सुरों में जादू सा छाया तूने ही तो मेरा दिल धड़काया नाचो रे, गाओ रे, स्विंग की ताल पर पीतल के बाजों के सुरमई हाल पर बारिश की बूंदें भी ताल मिलातीं दिल की ये बातें सबको सुनातीं झूमो ज़रा तुम भी मेरी बाहों में खो जाएं हम इन हसीं राहों में पियानो की चाबियों पे उंगलियां नाचें पुरानी यादें आज फिर से जांचें तबले की थाप और बास का दम भूल गए दुनिया के सारे हम और गम डबल बास की वो गहरी गूंज यादों की जैसे हो सुनहरी गूंज थिएटर के बाहर महफ़िल सजी है खुशियों की जैसे शहनाई बजी है कोई न देखे, कोई न टोके ये पल न गुज़रे, कोई तो रोके हाथों में हाथ है, स्विंग का साथ है क्या लाजवाब ये भीगी रात है नाचो रे, गाओ रे, स्विंग की ताल पर पीतल के बाजों के सुरमई हाल पर बारिश की बूंदें भी ताल मिलातीं दिल की ये बातें सबको सुनातीं झूमो ज़रा तुम भी मेरी बाहों में खो जाएं हम इन हसीं राहों में स्विंग, स्विंग, ये बॉम्बे की रात कर दे मुकम्मल हर एक बात रंगीन शाम का ये तमाशा पूरी हुई दिल की हर अभिलाषा
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