तमाशे का जादू
आरव (Aarav)9 écoutes
रात की ये मदहोशी बुझती सी ये ख़ामोशी रेत पर है बिखरी अंगारों की ये लो ही ठंडी इन हवाओं में कैसी ये सरगोशी? पहाड़ों के उस पार से गुलाबों की महक आई उस पुराने वादे की सदा फिर से सुनाई जादू था उस रात में खो गए हम मात में रेत पर लिखा हुआ वादा ठहरा हवा में दिल की ये कसक मीठी सी ये टीस तुझसे ही शुरू मुझपे ही ये बीस ओ मुसाफ़िर तू कहाँ है? ये तिलिस्म अब जवाँ है खेमे के बाहर खड़ा चाँद भी हैरान है उस पुरानी बात पर वक्त भी वीरान है हाथों में था हाथ तब आँखों में अरमान है सितारों की इस ओट में लम्हा एक ठहरा है तेरी मेरी याद का ज़ख्म बहुत गहरा है जादू था उस रात में खो गए हम मात में रेत पर लिखा हुआ वादा ठहरा हवा में दिल की ये कसक मीठी सी ये टीस तुझसे ही शुरू मुझपे ही ये बीस धड़कन रुकी साँसें थमी रूह में बसी तेरी कमी सात सुरों की ये पहेली आज फिर हुई अकेली कारवाँ गुज़र गया धूल बस यहाँ बची दास्ताँ अधूरी सी इश्क़ ने यहाँ रची तू नहीं है पास पर साया तेरा साथ है इस वीरान रात में बस तेरी ही बात है जादू था उस रात में खो गए हम मात में रेत पर लिखा हुआ वादा ठहरा हवा में दिल की ये कसक मीठी सी ये टीस तुझसे ही शुरू मुझपे ही ये बीस ओ मुसाफ़िर तू कहाँ है? ये तिलिस्म अब जवाँ है
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