बंबई की रानी
दीया (Diya)79 reproducciones
काली सड़कें, मखमली रात पैरों में है चंचल बात दुनिया सोई, मैं हूँ जागी अपनी मस्ती की मैं बागी झिलमिल सितारे, मेरा साथ हाथों में है खुद का हाथ नियमों की अब किसे परवाह खुली मिली है मुझको राह पियानो की वो मीठी तान सुन के झूमे मेरा जहान धड़कन मांगे ऊँची उड़ान खोई हूँ मैं, अपनी पहचान झूम ले तू, झूम ले आसमान को चूम ले ना कोई रोके, ना कोई टोके हवाओं के हम उड़ते झोंके स्विंग की लहरों पे सवार जीती मैं ही, अपनी हार बेपरवाह ये मेरी चाल मस्ती का है बुरा हाल दा-बा-दा-बा डू-बे शू-बी-डू-बी वा-बा ये रात हमारी है पूरी तैयारी है ट्रम्पेट बोले, तू आ जा ढोलक बाजे जैसे राजा मंजीरे की वो खनक आँखों में है एक चमक रेशम की ये सुर्ख हवा दर्द की है यही दवा गली-गली में मेरा शोर खींचे मुझको अपनी ओर स्कैट-दा-दा-डी-दा पम-पम-पम-पम स्कैट-दा-दा-डी-दा दम-दम-दम-दम ना कल की कोई फिकर है ना डर का कोई ज़िकर है बिजली सी मैं कौंधूँ खुद को ही मैं ढूँढूँ चमकती लाइटें, हसीन नज़ारे नाच रहे हैं चाँद-सितारे आज रुकना मना है ये समां भी घना है झूम ले तू, झूम ले आसमान को चूम ले ना कोई रोके, ना कोई टोके हवाओं के हम उड़ते झोंके स्विंग की लहरों पे सवार जीती मैं ही, अपनी हार बेपरवाह ये मेरी चाल मस्ती का है बुरा हाल दा-बा-दा-बा डू-बे शू-बी-डू-बी वा-बा ये रात हमारी है पूरी तैयारी है
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