गीली रेत का सुकून
आरव (Aarav)86 reproducciones
झूले ऊपर झूला है मेला पूरा खुला है रंगों की ये बौछार आया है त्यौहार चकाचौंध है चारों ओर मच रहा है भारी शोर ढोल नगाड़ा बजता है पूरा गाँव सजता है धड़कन मेरी तेज़ हुई नींदें सबकी हलाल हुई खुल के ज़रा तू झूम ले आसमान को चूम ले आया है मेला मस्ताना बन जा तू भी दीवाना ठुमका ज़रा लगा ले सबको तू नचा ले सीटी ज़रा बजा दे आग तू लगा दे आया है मेला मस्ताना बन जा तू भी दीवाना ओये चक दे! (चक दे!) हुर्रर्र! (हुर्रर्र!) नाचो रे नाचो! कुर्ती तेरी पीली है चाल बड़ी नशीली है झुमका तेरा गिर गया दिल मेरा भी फिर गया हाथों में है चूड़ियाँ मिटा दे सब दूरियाँ नैनों से तू वार कर थोड़ा सा तो प्यार कर धड़कन मेरी तेज़ हुई नींदें सबकी हलाल हुई खुल के ज़रा तू झूम ले आसमान को चूम ले आया है मेला मस्ताना बन जा तू भी दीवाना ठुमका ज़रा लगा ले सबको तू नचा ले सीटी ज़रा बजा दे आग तू लगा दे आया है मेला मस्ताना बन जा तू भी दीवाना ताम-झाम है भारी तैयार है ये सवारी पीतल के ये ब्रास बजें सुरों के ये साज़ सजें ताली ज़रा मार दे दुनिया को तू वार दे गबरू आया मैदान में दम है मेरी जान में ओये चाचा ज़रा हटके दिखा दे तू भी झटके चाची को भी बुला ले ठुमका ज़रा लगा ले मिठाई की ये दुकान है यही तो अपनी शान है भीड़ बड़ी है भारी यहाँ मिलेगी ऐसी यारी कहाँ? आया है मेला मस्ताना बन जा तू भी दीवाना ठुमका ज़रा लगा ले सबको तू नचा ले सीटी ज़रा बजा दे आग तू लगा दे आया है मेला मस्ताना बन जा तू भी दीवाना झूम ले! (झूम ले!) घूम ले! (घूम ले!) नाचो रे नाचो! सब के सब नाचो!
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