नीली रात का ठहराव (Neeli Raat Ka Thahraav)
दीया (Diya)35 Wiedergaben
संडे का ये मेला है रंगों का रेला है जेब में मेरी कैंडी है मन बड़ा ही शेंडी है सखियों की टोली साथ है खुशियों की क्या बात है वो ढोल की थाप सुनाई दी धड़कन में आग दिखाई दी पाँव मेरे अब रुकते नहीं मस्ती में ये झुकते नहीं आज झूमने दे तू मुझे पूरी बेफिक्री में सारे गम को भूल के नाचूँ गली-कूचे में ये समां है बस मेरा खुशियों का है घेरा बल्ले बल्ले बोल के दिल के ताले खोल के हडिप्पा की गूँज है मस्ती की ये पूँज है ओ चक दे फट्टे मस्ती के ये कट्टे ओ चक दे फट्टे मस्ती के ये कट्टे कानों में झुमका डोलता राज़ दिल का खोलता महका मेरा गजरा चमका मेरा कजरा धूल उड़े मैदान में शोर है जहान में वो ढोल की थाप सुनाई दी धड़कन में आग दिखाई दी पाँव मेरे अब रुकते नहीं मस्ती में ये झुकते नहीं आज झूमने दे तू मुझे पूरी बेफिक्री में सारे गम को भूल के नाचूँ गली-कूचे में ये समां है बस मेरा खुशियों का है घेरा सिंथ की ये लहरें वक्त को ही ठहराएं तुम्बी की ये तान बढ़ाती मेरी शान धमक धमक धमक चमक चमक चमक (Instrumental Dhol and Synth Solo) आज झूमने दे तू मुझे पूरी बेफिक्री में सारे गम को भूल के नाचूँ गली-कूचे में ये समां है बस मेरा खुशियों का है घेरा बल्ले बल्ले बोल के दिल के ताले खोल के हडिप्पा की गूँज है मस्ती की ये पूँज है
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