नीली रात का ठहराव (Neeli Raat Ka Thahraav)
दीया (Diya)35 Wiedergaben
धूल की चादर पुरानी आलमारी खुल गई आज वो बंद पिटारी डायरी का पन्ना मुड़ा है थोड़ा स्याही ने साथ मेरा है छोड़ा खिड़की पे गिरती बारिश की बूंदें बीता वो कल आंखों को मूंदे कांपते हाथों से पन्ना पलटा है वक्त जैसे पीछे पलटा है ओ मेरी उन्नीस की नादान परछाई तूने ही तो मुझको ये राह दिखाई निडर थी तू कितनी कितनी खरी थी तू ही तो मेरी असली परी थी शुक्रिया तेरा शुक्रिया तेरा शुक्रिया तेरा शुक्रिया तेरा मेरी परछाई मेरी परछाई सूखा गुलाब पत्तियों में सोया रंग है उसका धूप में खोया खुशबू नहीं है पर यादें वही हैं तेरी वो बातें आज भी सही हैं धुंधले निशान तेरी लिखावट बिना किसी भी झूठी सजावट सादा सा दिल था सादा सा सपना तू ही तो थी सच में अपना ओ मेरी उन्नीस की नादान परछाई तूने ही तो मुझको ये राह दिखाई निडर थी तू कितनी कितनी खरी थी तू ही तो मेरी असली परी थी शुक्रिया तेरा शुक्रिया तेरा नहीं है गिला कोई भी तुझसे तू जुदा नहीं कभी भी मुझसे तेरी वो हिम्मत आज भी साथ है तू ही तो मेरी सौगात है ओ मेरी उन्नीस की नादान परछाई तूने ही तो मुझको ये राह दिखाई निडर थी तू कितनी कितनी खरी थी तू ही तो मेरी असली परी थी शुक्रिया तेरा शुक्रिया तेरा तू ही रोशनी तू ही मेरा कल ठहरा हुआ वो एक हसीं पल शुक्रिया तेरा शुक्रिया तेरा
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